कहते थे जो छोड़ दो
सारी बुरी आदतें
आज हमारी सबसे बुरी आदत
बने बैठे हैं
एक वो हैं जो खुश हैं
किसी और के साथ
एक हम हैं जो अपनी
बुरी हालत करे बैठे हैं
रूठोगे मनाऊंगा मैं
कसमें निभाऊंगा मैं
दर्द तेरे लेके सारे
खुल के मुस्कुराऊंगा मैं
उफ़्फ़ तक करूँगा ना मैं
ग़म तेरे चुराऊंगा मैं
बात ना करो जाने की
पल में मर ही जाऊंगा मैं
ऐसे ना छोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
तेरे बिना जीना छोड़
चल भी ना पाऊंगा मैं
ज़ख्म ये जुदाई वाले
भर ही ना पाऊंगा मैं
ज़िंदगी से तू गया तो
ज़िंदगी से जाऊंगा मैं
बात ना करो जाने की
पल में मर ही जाऊंगा मैं
ऐसे ना छोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
हो मेरी आँखों में तुम्हारे
ख़्वाब हों और तुम ना हो
पास मेरे याद तेरी साँस ले
और तुम ना हो
हो मेरी आँखों में तुम्हारे
ख़्वाब हों और तुम ना हो
हो पास मेरे याद तेरी साँस ले
और तुम ना हो
हो गया जो ऐसा तो फिर
साँस ना ले पाऊंगा मैं
टूट जाऊंगा मैं पूरा
जुड़ ही ना पाऊंगा मैं
ऐसे ना तोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
ऐसे ना छोड़ो मुझे
बाद मेरे इन आँखों में
है दुआ के आँसू कोई
आए ना आए ना आए ना
जा रहा हूँ मैं दुनिया से
पर ना जाने क्यूँ तू दिल से
जाए ना जाए ना जाए ना
पार जाके आसमान के
लौट नहीं पाऊंगा मैं
बात मेरी लिख के ले लो
तुमको याद आऊंगा मैं
पूछेगा ख़ुदा जो मुझसे
नाम मेरे कातिल का तो
है कसम चाहे कुछ भी हो
कुछ नहीं बताऊंगा मैं
ऐसे ना..