पीछे मुड़ जावे ज़िंदगी 10-12 साल
पीछे मुड़ जावे ज़िंदगी 10-12 साल
ढलती शाम है, बैठ पूछूँ तेरा हाल
ढलती शाम है, बैठ पूछूँ तेरा हाल
पीछे मुड़ जावे ज़िंदगी
रो पड़ती होगी तू हँसती हँसती
अगर वहाँ खुश है, रह हँसती बसती
रो पड़ती होगी तू हँसती हँसती
अगर वहाँ खुश है, रह हँसती बसती
एक ही माँगूँ मैं जवाब, सोणिये, एक ही है सवाल
ढलती शाम है, बैठ पूछूँ तेरा हाल
पीछे मुड़ जावे ज़िंदगी 10-12 साल
ढलती शाम है, बैठ पूछूँ तेरा हाल
डोली चढ़ी शौक़ से या जबरी उठी?
तू आई... (अधूरा)