जवानी चढ़ती को गुलाम ना बना
दरिया में इज़्ज़त नीलाम ना कर
इससे अच्छा है फाका काट ले जट्टी
ऊपर नीली छत, नीचे जट्ट जट्टी
ऊपर नीली छत, नीचे जट्ट जट्टी
पर मच गयी है आज इंसान में
पर्दे हटा दिए ज्ञान ने
हर कोई अपनी लिपि से लिखता है
अपने हिसाब से रब राह बनाता है
हर कोई खत रखे हरि जट्टी
ऊपर नीली छत, नीचे जट्ट जट्टी
ऊपर नीली छत, नीचे जट्ट जट्टी
नमन करो जिसने फोन बनाया है
दूर की सदियों को पल में मिलाया है
एक धा...