सच्चे सज्जन मुश्किल से मिलते हैं
अंधेरे में प्रकाश की तरह
दोस्ती का मूल्य क्या होता है
मेरे दोस्तों, जान लो
जो यार दुश्मन के साथ-साथ चले
उन्हें तो नरक ही जानो
7 पीढ़ियों से सरदार, गाँव में सिर उठाकर मिले
एक की चादर, एक का बाना, दोनों यार पुराने
एक की चादर, एक का बाना, दोनों यार पुराने
एक भक्ति के राह पर चला गया, दूजा लिख-लिख गाता है
एक जगह है अलख (अदृश्य) नाम की, दूजा गरीबों के लिए सीना तानता है
एक भक्ति के राह पर चला गया, दूजा लिख-लिख गाता है
एक जगह है अलख (अदृश्य) नाम की, दूजा गरीबों के लिए सीना तानता है
तीजा जूनी ...