जब लाऊं मैं ऐंठन, मेरा रास्ता रोकते
क्या मैं इतनी सुंदर लगती हूँ तो रोकते
कारों का जमावड़ा और ऊपर से तेरे यार टॉप के
किस बात पर हर बात पर बंदे ठोकते
मेरा मन करता है, मैं तो रोकती हूँ
तुझे देखकर चलती है बंदूक, पर साँसें सूखती हैं
बिल्लो, तेरे साथ करनी है, जान सोचती हूँ
तू है जट्ट की पसंद, बंदे तो ठोकते
कभी चाँद लगती है, कभी नहीं कबूतरी
अनजान से ग्रह से उतरी
छड़ी तुझ पर जवानी, बवंडर जैसी
मूंछ मेरी भी है नई नई फूट रही
मैं शरीफ ज़्यादा, तेरे लौफ़ड़े हैं बहुत वे
तेरे कंधे पर राफ़ल, मेरे बैग कोच के
जब लाऊं मैं ऐंठन, मेरा रास्ता रोकते
क्या मैं इतनी सुंदर लगती हूँ तो रोकते
कारों का जमावड़ा और ऊपर से तेरे यार टॉप के
किस बात पर हर बात पर बंदे ठोकते
जिस चीज़ पर नज़र उठा ली जाती है
सारी उम्र के लिए साथ रख ली जाती है
जट्ट फिर कहाँ देखते हैं फायदे नुकसान
चीज़ कितनी भी हो, नहीं रोकी जाती है
तेरे अंदर कोई तो राकने, खास बात है
तेरे ऊपर गबरू की खत्म हो गई तलाश है
मेरे बिना जितने भी तेरे पर नज़र रखे हुए हैं
तेरे पीछे व्यर्थ ही फेंटे-फेंटे जैसे ताश है
कहाँ से इतना गुस्सा आता है, कौन सी लगी है चोंक वे
सीधा मिनट में दिखा देना है परलोक वे
जब लाऊं मैं ऐंठन, मेरा रास्ता रोकते
क्या मैं इतनी सुंदर लगती हूँ तो रोकते
कारों का जमावड़ा और ऊपर से तेरे यार टॉप के
किस बात पर हर बात पर बंदे ठोकते
गीतों में थाल के तबाही को रखता हूँ
पहले नंबर पर कुड़े, वाही को रखता हूँ
मेरा बस, मेरे पर ही फोकस कुड़े
टेंशन नहीं, यहाँ बड़े खींचते लत्तां
तेरा मेरा हिट कॉम्बिनेशन जट्टां
भागी आऊँ, भेजा जो लोकेशन जट्टां
मेरे नखरे का मोल मुश्किल ताड़ना
तेरी आँख में टेढ़ी सी रोटेशन जट्टां
मैं रखता हूँ तीन पिस्तौल तेरे करके
दिन कटते नहीं रंधावा, तेरा डर के
जो जो हैं तेरे पर नज़र रखते
सीने जलते हैं, तू मेरे साथ खड़ा होके
पहले सोच ले तू कैसे करते हैं लोट वे
बातें गिल-रॉनी लेते जो बना, लोक वे
जब लाऊं मैं ऐंठन, मेरा रास्ता रोकते
क्या मैं इतनी सुंदर लगती हूँ तो रोकते
कारों का जमावड़ा और ऊपर से तेरे यार टॉप के
किस बात पर हर बात पर बंदे ठोकते