Black raat

Lyrics

Black raat

by Guru Randhawa

Released: August 2022 • 7 Views

ओ काली-काली रातों में

जाग-जाग कर मैं तुझे

याद करता हूँ ओ मुठियारे

आसमान का चाँद मुझे

देखता ही रह गया

तारे भी मुझे चिढ़ाने लगे

क्यों मिलने नहीं आई

बहाने बनाकर

ओ काली-काली रातों में

जाग-जाग कर मैं तुझे

याद करता हूँ ओ मुठियारे

जो गुलाब तूने मुझे दिया था

अब वो भी मुझे खराब लगता है

शराब भी अब मुझे

छोड़ती नहीं ओ सोहनी

नींद मेरी उड़ चुकी है

आँखों में नींद नहीं रहती

और कैसे जिऊँ मैं

ओ सोहनी

मैं मझे का जट्ट हूँ

तू पल भर में ही भूल गई

तूने मेरे

छज्जे के दीये भी बुझा दिए

क्यों मिलने नहीं आई

बहाने बनाकर

ओ काली-काली रातों में

जाग-जाग कर मैं तुझे

याद करता हूँ ओ मुठियारे

तुझसे प्यार किया

तो सबसे दुश्मनी मोल ले ली

अब कोई खैर

नज़र नहीं आती ओ सोहनी

कभी नज़रों से मिलती है

कभी नज़रें चुरा लेती है

क्यों अब मेरी

परवाह नहीं करती ओ सोहनी

तेरे पीछे अब ये जट्ट

कभी भी बड़ा कदम उठा लेगा

कभी तो हमारे गाँव आ

ओ लड़की

क्यों मिलने नहीं आई

बहाने बनाकर

ओ काली-काली रातों में

जाग-जाग कर मैं तुझे

याद करता हूँ ओ मुठियारे