कभी प्यार हमें
कभी प्यार हमें जताना नहीं आया
वो पास से गुज़र गया, बुलाना नहीं आया
कभी प्यार हमें जताना नहीं आया
वो पास से गुज़र गया, बुलाना नहीं आया
कभी प्यार हमें
जैसे कि उस वक्त जान शीशे की हो गई
शीशे की हो गई
जैसे कि उसी पल हवा चलती थम गई
चलती थम गई
इशारे से हाथ भी
इशारे से हाथ भी हिलाना नहीं आया
वो पास से गुज़र गया, बुलाना नहीं आया
कभी प्यार हमें
कि धड़कन दिलों की बढ़ी बे-मुहारी
बढ़ी बे-मुहारी
कि होशो-हवास ने लगा ली उड़ारी
लगा ली उड़ारी
मगर हाल फिर भी
मगर हाल फिर भी सुनाना नहीं आया
वो पास से गुज़र गया, बुलाना नहीं आया
कभी प्यार हमें
उन्होंने देखा था जब पास आकर
जब पास आकर
जी बताइए क्या गुज़री थी नज़रें मिलाकर
नज़रें मिलाकर
फिर आँखों से इश्क़
फिर आँखों से इश्क़ छुपाना नहीं आया
वो पास से गुज़र गया, बुलाना नहीं आया
कभी प्यार हमें
कि जिस जगह खड़े थे उसका नाम भी भूल गए
उसका नाम भी भूल गए
हाँ “सरताज” हमें मिटाने पे तुल गया
मिटाने पे तुल गया
कहा गाने को
कहा गाने को हमें गाना नहीं आया
वो पास से गुज़र गया, बुलाना नहीं आया
कभी प्यार हमें