दिलों के दर्दों में झाँक कर देख लो वे
दूने दुखों के साथ यारियाँ निभाने लगे
ये जो लालच लगे हैं लज़्ज़त और आराम वाले
वही जुदाई के लंबे पल मँगवाने लगे
जो चाँद पर चढ़ा करते थे छतों पर
चोटी छोड़कर अब सीढ़ियाँ ढाने लगे
उन जज़्बातों को शब्दों में ढालकर
अब सतिंदर सरताज भी गाने लगे
दिलों की बाज़ी जीतकर हमने हार कबूल की
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
हज़ारों में से भी एक वादा पूरा न हुआ
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
दिलों की बाज़ी जीतकर हमने हार कबूल की
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
कैसे सुनाएँ, कैसे दिखाएँ
अगर सच में सुनोगे तभी बताएँ
न पता चलता है, न चैन मिलता है
ग़मगीन हों या फिर हँसें
मोहब्बत की असल क़ीमत कभी समझी ही नहीं
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
ऐ ढोला, कभी दिलों का बोझ हल्का किया?
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
सच्चाई की बूँदें डालीं ख्वाहिशों की ज़मीन पर
खूबसूरत ख्वाहिशों पर
पता न था कि यक़ीन इस तरह सोकर गिर जाएगा
मासूम दिल पर
तू मेले में से, वो खेलों में से
शाम ढले हमें देखती रही
हमने जताया भी, हमने छुपाया भी
रूहों पर बस तेरा नाम रहा
न पहुँचे कहीं, बीच रास्ते ही ठहर गए
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
तेरे आगे सब कुछ लुटा दिया मैंने
तेरी तो बस बातें ही हैं
तेरे बारे में हमें दुनिया से पता चला
किसी एहसान से
अच्छा होता तू ख़ुद ही बता देता ज़ुबान से
भूले हुए ईमान से
न सोचा था, न चाहा था
कि ऐसे हालात भी आएँगे
बहारों से, प्यारों से
हम इस तरह भी हारेंगे
पता है हमें, तू यूँ ही रुसवा करता है
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
ऐ ढोला, तूने कभी रूह से प्यार ही नहीं किया
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
एक ही सवाल है पूरी कायनात से
इश्क़ की जात से
आसमान और ज़मीन की सच्ची मुलाक़ात से
दिन और रात से
रुका नहीं जाता, बैठा नहीं जाता
वक़्त का पहिया घूमता रहता है
सुनते रहो दिल की बात
जज़्बात कहीं से जगा लो, गा लो
पूछेंगे सरताज से कैसे असर हैं
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं
सुनो, पीछे बजती मीठी सी सितार
ओह, तेरी तो बस बातें ही हैं