यदि धरती का बेटा खेत जोतता हुआ
दूर से आवाज़ सुनकर बेचैन हो उठा
बैल की घंटी और धरती की धड़कन से
कच्चे जज़्बातों का रबाब बन गया
नैनों को दीदार की चसक लग गई
हुस्न-ओ-नूर देखने का ख़्वाब बन गया
ये तो रूहों की ख़ुशबू तलाशता था
वो ख़ुद ही जैसे गुलाब बन गया
फूल और खुशबू आज मिलकर
महफ़िल सजाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
फूल और खुशबू आज मिलकर
महफ़िल सजाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
बादलों ने भी इंतज़ाम
सब पूरे कर दिए हैं
धूप ने तंबू ताने हैं
मौसम भी गाने लगे हैं
फूल और खुशबू आज मिलकर
महफ़िल सजाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
ये जो भी आलम बना है
सहरा दिल को छू जाता है
हसरत ने चाँदनी ओढ़ ली
सहरा दिल को छू जाता है
ये जो भी आलम बना है
सहरा दिल को छू जाता है
हसरत ने चाँदनी ओढ़ ली
सहरा दिल को छू जाता है
जज़्बातों को सुर्ख़ सा कोई
जाम पहनाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
फूल और खुशबू आज मिलकर
महफ़िल सजाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
आसमान से कोई नग़्मा उतरा
सब हरकत में आ गए
ऐसा एलान हुआ
सब हरकत में आ गए
आसमान से कोई नग़्मा उतरा
सब हरकत में आ गए
ऐसा एलान हुआ
सब हरकत में आ गए
लगता है उम्मीदों की राह पर
खुशबू बिखेरने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
फूल और खुशबू आज मिलकर
महफ़िल सजाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
शायरों को ख़ास तौर पर
इस मौके बुलाया गया लगता है
ख़यालों का सारा ख़ज़ाना
पाने को उमड़ आया लगता है
शायरों को ख़ास तौर पर
इस मौके बुलाया गया लगता है
ख़यालों का सारा ख़ज़ाना
पाने को उमड़ आया लगता है
सुनो, सरताज साहब भी
अब कुछ फरमाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
बादलों ने भी इंतज़ाम
सब पूरे कर दिए हैं
धूप ने तंबू ताने हैं
मौसम भी गाने लगे हैं
फूल और खुशबू आज मिलकर
महफ़िल सजाने लगे हैं
धरती से इजाज़त लेकर
सपनों को रंगाने लगे हैं
फूल और खुशबू आज मिलकर
महफ़िल सजाने लगे हैं