कहीं भी तेरा रुतबा कम नहीं होता
अगर मुस्कुरा कर बुला ले कहीं
कहीं भी तेरा रुतबा कम नहीं होता
अगर मुस्कुरा कर बुला ले कहीं
कहीं शानो-शौकत कम नहीं होती
अगर मोहब्बत जता ले कहीं
कहीं भी तेरा रुतबा कम नहीं होता
अगर मुस्कुरा कर बुला ले कहीं
बहुत समय बाद जब एहसास होंगे
तब दिलदार पास नहीं होंगे
रंगीन दुनिया की रौनक में भी
दिल किसी बात से उदास होंगे
अब भी कुछ सोच ले ऐ महरमा
अगर दिल को समझा ले कहीं
अब भी कुछ सोच ले ऐ महरमा
अगर दिल को समझा ले कहीं
कहीं शानो-शौकत कम नहीं होती
अगर मोहब्बत जता ले कहीं
कहीं भी तेरा रुतबा कम नहीं होता
अगर मुस्कुरा कर बुला ले कहीं
रांझना, चाहतों को गुलाबी रंग दे
रोज़ ये शरारतें करके गुज़र जाते हो
कोशिशें मासूम हैं, नाराज़ न हो
इसीलिए तो तुमसे इतना सा इशारा माँगते हैं
आँखें झुका कर हँसने वाले छबीले
अगर नज़रें मिला ले कहीं
आँखें झुका कर हँसने वाले छबीले
अगर नज़रें मिला ले कहीं
कहीं शानो-शौकत कम नहीं होती
अगर मोहब्बत जता ले कहीं
कहीं भी तेरा रुतबा कम नहीं होता
अगर मुस्कुरा कर बुला ले कहीं
ख़्वाबों और ख़यालों को भी शक होने लगता है
जब कभी ग़ुस्से में अपना हक़ जताते हो
तेरा रौब हमें हैरान कर देता है
जब तुम एकटक नज़रों से देखते हो
इस सपने को ख़्वाबों से निकालकर
हक़ीक़त बना ले कहीं
इस सपने को ख़्वाबों से निकालकर
हक़ीक़त बना ले कहीं
कहीं शानो-शौकत कम नहीं होती
अगर मोहब्बत जता ले कहीं
कहीं भी तेरा रुतबा कम नहीं होता
अगर मुस्कुरा कर बुला ले कहीं